नारायण नाम की अमृत धारा भगवान श्री हरि, भगवान विष्णु और लक्ष्मी नारायण की भक्ति को समर्पित एक नवीन मौलिक भक्तिमय रचना है। इस वीडियो वॉच पेज पर आप इस भजन के आध्यात्मिक भाव, इसके शब्दों का अर्थ, श्री हरि के विभिन्न स्वरूपों का महत्व और एकादशी के अवसर पर भक्ति-स्मरण की परंपरा को विस्तार से जान सकते हैं। भगवान विष्णु को हिंदू परंपरा में नारायण और हरि सहित अनेक नामों से स्मरण किया जाता है। शंख, चक्र, गदा और पद्म उनके प्रमुख प्रतीकों में गिने जाते हैं, जबकि “ॐ नमो नारायणाय” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” जैसे मंत्र वैष्णव भक्ति परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं। 🎵 यह भजन सुनें और वीडियो देखें: Divya Stuti Bhajan YouTube Channel 🪷 “नारायण नाम की अमृत धारा” का भक्तिपरक संदेश इस भजन का केंद्रीय भाव नाम-स्मरण और समर्पण है। मुखड़े की पंक्तियाँ— “नारायण नाम की अमृत धारा, मन के सूने द्वार पे उतरी” मनुष्य के भीतर भक्ति, आशा और आत्मिक जुड़ाव की भावना का प्रतीक हैं। यहाँ “अमृत धारा” का अर्थ किसी भौतिक वस्तु से नहीं, बल्कि श्री हरि के नाम के उस मधुर आध्यात्मिक अनुभव...
🪈 Krishna Bhajan: बांसुरी वाले कान्हा | श्री कृष्ण की बांसुरी की धुन से परम मानसिक शांति प्राप्त हुई
जय श्री कृष्ण! राधे राधे! 🙏✨ आध्यात्मिक चेतना, ईश्वरीय प्रेम और परम मानसिक शांति के इस पावन डिजिटल मंच, Divya Stuti Bhajan पर आप सभी रसिक जनों, वैष्णवों और भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्तों का हृदय से स्वागत है। आधुनिक युग के इस कोलाहलपूर्ण और तनावग्रस्त जीवन में, जहाँ हर मनुष्य किसी न किसी भौतिक दौड़ में शामिल है, हमारे मन को एक 'शांत किनारे' की तलाश रहती है। मन की यह बेचैनी तब तक समाप्त नहीं होती, जब तक आत्मा का मिलन परमात्मा से नहीं हो जाता। सनातन धर्म में, आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का सबसे सरल और मधुर मार्ग 'प्रेम लक्षणा भक्ति' है, जिसके प्रतीक साक्षात् वृंदावन बिहारी लाल, श्री कृष्ण हैं। जब कान्हा की बांसुरी बजती है, तो सृष्टि का कण-कण शांत हो जाता है और केवल ईश्वरीय प्रेम का ही नाद गूंजता है। आपकी इसी आध्यात्मिक प्यास को बुझाने, आपकी थकी हुई आत्मा को विश्राम देने और आपको एक नए प्रकार के रूहानी सुकून का अनुभव कराने के लिए, हम लेकर आए हैं एक अत्यंत मधुर, भावपूर्ण और सुकून देने वाली प्रस्तुति — Krishna Bhajan | बाँसुरी वाले कान्हा (Bansuri Wale Kanha) । यह केवल ...