नारायण नाम की अमृत धारा भगवान श्री हरि, भगवान विष्णु और लक्ष्मी नारायण की भक्ति को समर्पित एक नवीन मौलिक भक्तिमय रचना है। इस वीडियो वॉच पेज पर आप इस भजन के आध्यात्मिक भाव, इसके शब्दों का अर्थ, श्री हरि के विभिन्न स्वरूपों का महत्व और एकादशी के अवसर पर भक्ति-स्मरण की परंपरा को विस्तार से जान सकते हैं। भगवान विष्णु को हिंदू परंपरा में नारायण और हरि सहित अनेक नामों से स्मरण किया जाता है। शंख, चक्र, गदा और पद्म उनके प्रमुख प्रतीकों में गिने जाते हैं, जबकि “ॐ नमो नारायणाय” और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” जैसे मंत्र वैष्णव भक्ति परंपरा में विशेष स्थान रखते हैं। 🎵 यह भजन सुनें और वीडियो देखें: Divya Stuti Bhajan YouTube Channel 🪷 “नारायण नाम की अमृत धारा” का भक्तिपरक संदेश इस भजन का केंद्रीय भाव नाम-स्मरण और समर्पण है। मुखड़े की पंक्तियाँ— “नारायण नाम की अमृत धारा, मन के सूने द्वार पे उतरी” मनुष्य के भीतर भक्ति, आशा और आत्मिक जुड़ाव की भावना का प्रतीक हैं। यहाँ “अमृत धारा” का अर्थ किसी भौतिक वस्तु से नहीं, बल्कि श्री हरि के नाम के उस मधुर आध्यात्मिक अनुभव...
🪷 गुरु चरणों का अमृत प्रकाश — ज्ञान, भक्ति और शांति का पावन गीत 🙏 Divya Stuti Bhajan की ओर से वर्ष 2026 की एक नवीन मौलिक भक्तिमय प्रस्तुति है— “गुरु चरणों का अमृत प्रकाश” । यह शांत, भावपूर्ण और आत्मा को छूने वाला गुरु पूर्णिमा स्पेशल भजन सद्गुरु के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और समर्पण का भाव व्यक्त करता है। भजन का केंद्रीय संदेश है कि जीवन की यात्रा में ज्ञान, विवेक, प्रेम, दया और सत्य की राह दिखाने वाले गुरु के प्रति हृदय में सम्मान होना चाहिए। गीत में गुरु के चरणों को “अमृत प्रकाश” कहा गया है—एक ऐसी काव्यात्मक अनुभूति जो अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है। इस प्रस्तुति में गुरु महिमा के साथ भगवान श्री हनुमान का स्मरण भी विशेष रूप से शामिल है। हनुमान जी भारतीय भक्ति परंपरा में सेवा, विनम्रता, साहस और श्रीराम के प्रति अटूट समर्पण के आदर्श स्वरूप के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किए जाते हैं। इसलिए यह भजन गुरु-शिष्य संबंध, सेवा, भक्ति और समर्पण के सुंदर आध्यात्मिक भावों को एक साथ प्रस्तुत करता है। ( divyastutibhajan.c...